พุทธศาสนสุภาษิต

สำหรับวิชากระทู้ธรรม — บาลี คำแปล คัมภีร์ที่มา และคำอธิบายความหมาย เพื่อใช้ศึกษาและเป็นแบบอย่างในการแต่งกระทู้ธรรม

คำอธิบายเป็นเพียงตัวอย่างการตีความ ไม่ใช่เฉลย — ใช้เป็นแนวทางเบื้องต้น และควรศึกษาเพิ่มเติมจากพระไตรปิฎกและคัมภีร์อื่น ๆ

ธรรมศึกษา (ต่างประเทศ)
นักธรรมชั้นตรี · พุทธศาสนสุภาษิต เล่ม ๑ · ๕๐๐ บท · มีคำอธิบายแล้ว ๕๘ บท
กัมมวรรค — หมวดกรรม ๒๕ บท
कर्म प्राणियों को हीन और प्रणीत में विभक्त करता है।
ม. อุป. ๑๔/๓๘๕.
शिथिलता से किया गया कोई भी काम महान फल नहीं देता।
นัย-สํ. ส. ๑๕/๖๘.
अपने ही पापकर्म दुर्गति में ले जाते हैं।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๗.
सज्जन के लिए सत्कर्म करना सरल है।
วิ. จุล. ๗/๑๙๕. ขุ. อุ. ๒๕/๑๖๗.
दुर्जन के लिए सत्कर्म करना कठिन है।
วิ. จุล. ๗/๑๙๕. ขุ. อุ. ๒๕/๑๖๗.
पाप न ही करना अच्छा है।
สํ. ส. ๑๕/๖๘. ขุ. ธ. ๒๕/๕๖.
पाप बाद में जलाता है।
สํ. ส. ๑๕/๖๘. ขุ. ธ. ๒๕/๕๖.
सत्कर्म कर लेना ही अच्छा है।
สํ. ส. ๑๕/๖๘. ขุ. ธ. ๒๕/๕๖.
जिस कर्म को करके बाद में पछतावा हो, वह कर्म अच्छा नहीं।
สํ. ส. ๑๕/๘๑. ขุ. ธ. ๒๕/๒๓.
जिस कर्म को करके बाद में पछतावा न हो, वही कर्म अच्छा है।
สํ. ส. ๑๕/๘๑. ขุ. ธ. ๒๕/๒๓.
जो बुरा और अपने लिए अहितकर है, वह करना आसान है।
ขุ. ธ. ๒๕/๓๗.
जो हितकर भी हो और अच्छा भी, वह करना अत्यन्त कठिन है।
ขุ. ธ. ๒๕/๓๗.
पाप करने वाले को सुख सहज नहीं मिलता।
สํ. ส. ๑๕/๑๐๔.
अच्छा करो, अच्छा पाओ; बुरा करो, बुरा पाओ।
สํ. ส. ๑๕/๓๓๓. ขุ. ชา. ทุก. ๒๗/๘๔.
प्राणी-लोक कर्म के अनुसार चलता है।
ม. ม. ๑๓/๖๔๘. ขุ. สุ. ๒๕/๔๕๗.
पहले विचार करके फिर करना अच्छा है।
ว. ว.
जो हो गया, वह लौटाया नहीं जा सकता।
ส. ส.
जो अपने लिए हितकर है, यह जानकर उसे तुरन्त करे।
สํ. ส. ๑๕/๘๑.
यदि करना है, तो उसे (सचमुच) करे।
สํ. ส. ๑๕/๖๗. ขุ. ธ. ๒๕๑๕๖.
हितैषी के वचन के अनुसार करना चाहिए।
ขุ. ชา. ทสก. ๒๗/๒๗๒.
काम को उचित समय पर ही करना चाहिए।
ว. ว.
अपनी अच्छाई को वैसे ही बनाए रखे, जैसे नमक अपना खारापन बनाए रखता है।
ส. ส.
सहायता करने वाले का काम करना चाहिए।
ขุ. ชา. ทสก. ๒๗/๘๔.
विनाश चाहने वाले का उपकार नहीं करना चाहिए।
ขุ. ชา. ทสก. ๒๗/๘๔.
सदोष कर्म तक मत पहुँचो।
ส. ฉ.
บาลีอักษรโรมันถอดจากอักษรไทยโดยอัตโนมัติ · คำอธิบายแสดงเฉพาะบทที่ผ่านการตรวจทานแล้ว
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