พุทธศาสนสุภาษิต

สำหรับวิชากระทู้ธรรม — บาลี คำแปล คัมภีร์ที่มา และคำอธิบายความหมาย เพื่อใช้ศึกษาและเป็นแบบอย่างในการแต่งกระทู้ธรรม

คำอธิบายเป็นเพียงตัวอย่างการตีความ ไม่ใช่เฉลย — ใช้เป็นแนวทางเบื้องต้น และควรศึกษาเพิ่มเติมจากพระไตรปิฎกและคัมภีร์อื่น ๆ

ธรรมศึกษา (ต่างประเทศ)
นักธรรมชั้นตรี · พุทธศาสนสุภาษิต เล่ม ๑ · ๕๐๐ บท · มีคำอธิบายแล้ว ๕๘ บท
กิเลสวรรค — หมวดกิเลส ๑๗ บท
संकल्प से उत्पन्न राग ही मनुष्य का काम है।
สํ. ส. ๑๕/๓๒. อง. ฉกฺก. ๒๒/๔๖๐.
मनुष्यों में स्थायी काम नहीं होते।
สํ. ส. ๑๕/๓๑.
संसार में कामों से तृप्ति नहीं होती।
ม. ม. ๑๓/๔๑๒. ขุ. เถร. ๒๖/๓๗๗.
कार्षापणों की वर्षा से भी कामों में तृप्ति नहीं होती।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๐. ขุ. ชา. ติก. ๒๗/๑๐๒.
काम से बढ़कर (अन्य) कोई दुःख नहीं।
ขุ. ชา. เอกาทสก. ๒๗/๓๑๕.
तृष्णा के समान नदी कोई नहीं।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๘.
संसार में इच्छा का त्याग कठिन है।
สํ. ส. ๑๕/๖๑.
इच्छा के विषयों का कोई अन्त नहीं।
ขุ. ชา. ทุก. ๒๗/๙๔.
इच्छा मनुष्यों को धकेलती है।
สํ. ส. ๑๕/๖๑.
राग के समान आग कोई नहीं।
ขุ. ธ. ๒๕-๔๒,๔๘.
लोभ धर्मों के लिए अन्तराय है।
สํ. ส. ๑๕/๕๙.
अतिलोभ सचमुच पाप है।
วิ. ภิ. ๓/๙๖. ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๔๔.
मोह के समान जाल कोई नहीं।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๘.
काम भोगने वाला और भी अधिक काम चाहता है।
ม. ม. ๑๓/๔๑๑. ขุ. เถร. ๒๖/๓๗๗.
काम भोगने वाला अतृप्त रहकर ही शरीर छोड़ता है।
ม. ม. ๑๓/๔๑๒. ขุ. เถร. ๒๖/๓๗๗.
मन्दबुद्धि धन की लालसा में दूसरे को मारने की तरह अपने को ही मार डालता है।
ขุ. ธ. ๒๕/๖๓.
लोग अविद्या से ढके हुए हैं।
วิ. จุล. ๗/๔๐๐. องฺ. จตุกฺก. ๒๑/๙๓.
บาลีอักษรโรมันถอดจากอักษรไทยโดยอัตโนมัติ · คำอธิบายแสดงเฉพาะบทที่ผ่านการตรวจทานแล้ว
ฝึกแต่งกระทู้ธรรม แบบฝึกท่องจำ ปัญหาธรรมศึกษาย้อนหลัง หน้าหลัก