พุทธศาสนสุภาษิต

สำหรับวิชากระทู้ธรรม — บาลี คำแปล คัมภีร์ที่มา และคำอธิบายความหมาย เพื่อใช้ศึกษาและเป็นแบบอย่างในการแต่งกระทู้ธรรม

คำอธิบายเป็นเพียงตัวอย่างการตีความ ไม่ใช่เฉลย — ใช้เป็นแนวทางเบื้องต้น และควรศึกษาเพิ่มเติมจากพระไตรปิฎกและคัมภีร์อื่น ๆ

ธรรมศึกษา (ต่างประเทศ)
นักธรรมชั้นตรี · พุทธศาสนสุภาษิต เล่ม ๑ · ๕๐๐ บท · มีคำอธิบายแล้ว ๕๘ บท
เสวนาวรรค — หมวดคบหา ๒๔ บท
विश्वास के कारण भय पीछे आता है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๐.
बहुत लम्बे समय तक साथ रहने से प्रिय जन भी ऊब जाते हैं।
ขุ. ชา. เตรส. ๒๗/๓๔๗.
जिसका संग करता है, वैसा ही हो जाता है।
ว. ว.
शत्रुओं के बीच एक-दो रात रहना भी दुःख है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๔.
मूर्खों के साथ रहना शत्रुओं के साथ रहने की तरह सदा दुःख देता है।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๒.
ज्ञानियों के साथ रहना ज्ञातियों के समागम की तरह सुख देता है।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๒.
सत्पुरुषों का समागम सुख लाता है।
ขุ. ชา. ทุก. ๒๗/๕๕.
हीन लोगों का संग करने वाला हीन हो जाता है।
องฺ. ติก. ๒๐/๑๕๘.
मूर्खों का समागम दुःख लाता है।
ขุ. ชา. นวก. ๒๗/๒๖๕.
दुर्जनों का समागम बिलकुल अच्छा नहीं।
ขุ. ชา. ทุก. ๒๗/๖๑.
सज्जनों का समागम उन्नति है।
ขุ. เถร. ๒๖/๔๐๕.
दुर्जनों का संग न करने वाला एकान्त सुख पाता है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๔๖.
मूर्खों के साथ घूमने वाला दीर्घकाल तक शोक करता है।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๒.
जहाँ शत्रु हों, वहाँ पण्डित को नहीं रहना चाहिए।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๔.
शत्रु से सावधान रहे, मित्र पर भी भरोसा न करे।
ขุ. ชา. ทุก. ๒๗/๕๗.
अपरिचित पर भरोसा न करे, परिचित पर भी भरोसा न करे।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๐.
मूर्खों का संग करने से केवल विनाश ही होता है।
นัย. ขุ. ชา. นวก. ๒๗/๒๖๕.
पापी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
ขุ. ชา. ทสก. ๒๗/๒๙๐.
बेतुका बोलने वाले पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
ขุ. ชา. ทสก. ๒๗/๒๙๐.
अपना ही स्वार्थ देखने वाले पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
ขุ. ชา. ทสก. ๒๗/๒๙๐.
शान्त होने का ढोंग करने वाले पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
ขุ. ชา. ทสก. ๒๗/๒๙๐.
विचारहीन लोगों का संग नहीं करना चाहिए।
ขุ. ชา. ทุก. ๒๗/๘๔.
दुर्जनों के साथ घनिष्ठता नहीं करनी चाहिए।
ขุ. ชา. ทุก. ๒๗/๕๕.
शत्रु के समान मूर्ख का संग कभी न करे।
ขุ. ชา. นวก. ๒๗/๒๖๕.
บาลีอักษรโรมันถอดจากอักษรไทยโดยอัตโนมัติ · คำอธิบายแสดงเฉพาะบทที่ผ่านการตรวจทานแล้ว
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