พุทธศาสนสุภาษิต

สำหรับวิชากระทู้ธรรม — บาลี คำแปล คัมภีร์ที่มา และคำอธิบายความหมาย เพื่อใช้ศึกษาและเป็นแบบอย่างในการแต่งกระทู้ธรรม

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ธรรมศึกษา (ต่างประเทศ)
นักธรรมชั้นตรี · พุทธศาสนสุภาษิต เล่ม ๑ · ๕๐๐ บท · มีคำอธิบายแล้ว ๕๘ บท
ปกิณณกวรรค — หมวดเบ็ดเตล็ด
ปกิณณกวรรค — หมวดเบ็ดเตล็ด · นักธรรมชั้นตรี
บาลี (อักษรไทย)
นาญฺญํ นิสฺสาย ชีเวยฺย.
Pāli (Roman) ถอดอัตโนมัติ
Nāññaṃ nissāya jīveyya.
คัมภีร์ที่มา : ขุ. อุ. ๒๕/๑๗๙.
คำแปล : ไม่ควรอาศัยผู้อื่นเป็นอยู่.
हिन्दी : दूसरों के सहारे जीना नहीं चाहिए।
คำแปลทุกภาษา / All languages (9)
ไทยไม่ควรอาศัยผู้อื่นเป็นอยู่.
EnglishOne should not live depending on others.
IndonesiaJanganlah hidup bergantung pada orang lain.
中文不应依赖他人而生活。
DeutschMan soll nicht von anderen abhängig leben.
DanskMan bør ikke leve afhængig af andre.
हिन्दीदूसरों के सहारे जीना नहीं चाहिए।
日本語他人に依存して生きるべきではない。
नेपालीअरूको भरमा बाँच्नु हुँदैन।

คำอธิบาย
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สุภาษิตในวรรคเดียวกัน — เลือกใช้เป็นกระทู้เชื่อมได้
อฏฺฐงฺคิโก จ มคฺคานํ เขมํ อมตคามินํ.
मार्गों में अष्टांगिक मार्ग क्षेम-मार्ग है, जो अमृत तक पहुँचाता है।
ม. ม. ๑๓/๒๘๑.
วิสุทฺธิ สพฺพเกฺลเสหิ โหติ ทุกฺเขหิ นิพฺพุติ.
सब क्लेशों से शुद्धि ही सब दुःखों का निरोध है।
ร. ร. ๔.
ยงฺกิญฺจิ สมุทยธมฺมํ สพฺพนฺตํ นิโรธธมฺมํ.
जो कुछ उत्पन्न होने वाला है, वह सब निरुद्ध होने वाला है।
สํ. มหา. ๑๙/๕๓๑.
ยถาปจฺจยํ ปวตฺตนฺติ.
जो प्रत्ययों से बना है, वह प्रत्ययों के अनुसार चलता है।
ร. ร. ๔.
อาโรคฺยปรมา ลาภา.
आरोग्य परम लाभ है।
ม. ม. ๑๓/๒๘๑. ขุ. ธ. ๒๕/๔๒.
ชิฆจฺฉา ปรมา โรคา.
भूख सबसे बड़ा रोग है।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๒.
สงฺขารา สสฺสตา นตฺถิ.
कोई स्थायी संस्कार नहीं है।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๙.
อนิจฺจา วต สงฺขารา.
सब संस्कार सचमुच अनित्य हैं।
ที. มหา. ๑๐/๑๘๑. สํ. ส. ๑๕/๘. สํ. นิ. ๑๖/๒๒๘.
ทุลฺลภา ขณสมฺปตฺติ.
क्षण-सम्पत्ति दुर्लभ है।
ส. ม.
ทุลฺลภํ ทสฺสนํ โหติ สมฺพุทฺธานํ อภิณฺหโส.
बार-बार बुद्ध का दर्शन दुर्लभ है।
ม. ม. ๑๓/๕๕๔. ขุ. สุ. ๒๕/๔๔๔.
ขโณ โว มา อุปจฺจคา.
क्षण तुम्हें लाँघकर न निकल जाए।
องฺ. อฏฺฐก. ๒๓/๒๓๑. ขุ. ธ. ๒๕/๕๗. ขุ. สุ. ๒๕/๓๘๙.
อติปตติ วโย ขโณ ตเถว.
वय क्षण के समान बीत जाता है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๑๒.
กาโล ฆสติ ภูตานิ สพฺพาเนว สหตฺตนา.
काल सब प्राणियों को अपने सहित खा जाता है।
ขุ. ชา. ทุก. ๒๗/๙๕.
อิติ วิสฺสฏฺฐกมฺมนฺเต อตฺถา อจฺเจนฺติ มาณเว.
काम छोड़ देने वाले युवक के पास से लाभ निकल जाता है।
ที. ปาฏิ. ๑๑/๑๙๙.
นกฺขตฺตํ ปฏิมาเนนฺตํ อตฺโถ พาลํ อุปจฺจคา.
नक्षत्र (मुहूर्त) देखते रहने वाले मूर्ख के पास से लाभ निकल गया।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๑๖.
อตฺโถ อตฺถสฺส นกฺขตฺตํ กึ กริสฺสนฺติ ตารกา.
प्रयोजन ही प्रयोजन का नक्षत्र (मुहूर्त) है, तारे क्या करेंगे?
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๑๖.
วโส อิสฺสริยํ โลเก.
संसार में सत्ता ही बड़ी है।
สํ. ส. ๑๕/๖๐.
สิริ โภคานมาสโย.
श्री भोगों का आश्रय है।
สํ. ส. ๑๕/๖๑.
กิจฺฉา วุตฺติ อสิปฺปสฺส.
शिल्पहीन व्यक्ति का जीवन कठिन होता है।
ขุ. ชา. ทฺวาทส. ๒๗/๓๓๐.
สาธุ โข สิปฺปกํ นาม อปิ ยาทิสกีทิสํ.
कोई भी शिल्प क्यों न हो, वह लाभ सिद्ध करता है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๕.
มตฺตญฺญุตา สทา สาธุ.
मात्रा जानना सदा लाभ सिद्ध करता है।
ว. ว.
หิริโอตฺตปฺปิยญฺเญว โลกํ ปาเลติ สาธุกํ.
लज्जा और भय (हिरि-ओत्तप्प) संसार की भली-भाँति रक्षा करते हैं।
ว. ว.
โลโกปตฺถมฺภิกา เมตฺตา.
मैत्री संसार का आधार है।
ว. ว.
อรติ โลกนาสิกา.
ईर्ष्या संसार के विनाश का कारण है।
ว. ว.
มหาปุริสภาวสฺส ลกฺขณํ กรุณาสโห.
करुणा से (दूसरों का दुःख) सह न सकने वाला स्वभाव महापुरुष का लक्षण है।
ว. ว.
นิมิตฺตํ สาธุรูปานํ กตญฺญูกตเวทิตา.
कृतज्ञता और कृतवेदिता सज्जन का लक्षण है।
นัย- ส. ส.
สพฺพญฺเจ ปฐวึ ทชฺชา นากตญฺญุมภิราธเย.
सारी पृथ्वी देकर भी कृतघ्न को प्रसन्न नहीं किया जा सकता।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๒๓.
หนนฺติ โภคา ทุมฺเมธํ.
भोग-सम्पत्ति मन्दबुद्धि को मार डालती है।
ขุ. ธ. ๒๕/๖๓.
สกฺกาโร กาปุริสํ หนฺติ.
सत्कार दुष्ट को मार डालता है।
วิ. จุล. ๗/๑๗๒. สํ. ส. ๑๕/๒๒๖. สํ. นิ. ๑๖/๒๘๔.
กิจฺโฉ มนุสฺสปฏิลาโภ.
मनुष्य-जन्म पाना कठिन है।
ขุ. ธ. ๒๕/๓๙.
กิจฺฉํ มจฺจาน ชีวิตํ.
प्राणियों का जीवन कठिन है।
ขุ. ธ. ๒๕/๓๙.
กิจฺฉํ สทฺธมฺมสฺสวนํ.
सत्पुरुषों के धर्म का श्रवण कठिन है।
ขุ. ธ. ๒๕/๓๙.
กิจฺโฉ พุทฺธานมุปฺปาโท.
बुद्धों का उत्पन्न होना कठिन है।
ขุ. ธ. ๒๕/๓๙.
อสชฺฌายมลา มนฺตา.
न दोहराना मन्त्रों का मल है।
องฺ. อฏฺฐก. ๒๓/๑๙๘. ขุ. ธ. ๒๕/๔๗.
อนุฏฺฐานมลา ฆรา.
अनुद्यम घर का मल है।
องฺ. อฏฺฐก. ๒๓/๑๙๘. ขุ. ธ. ๒๕/๔๗.
มลํ วณฺณสฺส โกสชฺชํ.
आलस्य सौन्दर्य (वर्ण) का मल है।
องฺ. อฏฺฐก. ๒๓/๑๙๘. ขุ. ธ. ๒๕/๔๗.
มลิตฺถิยา ทุจฺจริตํ.
दुराचार स्त्री का मल है।
องฺ. อฏฺฐก. ๒๓/๑๙๘. ขุ. ธ. ๒๕/๔๗.
สุทฺธิ อสุทฺธิ ปจฺจตฺตํ.
शुद्धि और अशुद्धि अपनी-अपनी होती है।
ขุ. ธ. ๒๕/๓๗. ขุ. มหา. ๒๙/๓๗. ขุ. จู. ๓๐/๑๑๖.
นาญฺโญ อญฺญํ วิโสธเย.
कोई दूसरे को शुद्ध नहीं कर सकता।
ขุ. ธ. ๒๕/๓๗. ขุ. มหา. ๒๙/๓๗. ขุ. จู. ๓๐/๑๑๖.
สุทฺธสฺส สุจิกมฺมสฺส สทา สมฺปชฺชเต วตํ.
शुद्ध कर्म वाले शुचि व्यक्ति का व्रत सदा सम्पन्न होता है।
ม. ม. ๑๒/๗๐.
สุทสฺสํ วชฺชมญฺเญสํ อตฺตโน ปน ทุทฺทสํ.
दूसरों के दोष देखना आसान है, अपने दोष देखना कठिन।
ขุ. ธ. ๒๕/๔๘.
นตฺถิ โลเก รโห นาม ปาปกมฺมํ ปกุพฺพโต.
पापकर्म करने वाले के लिए संसार में कोई गुप्त स्थान नहीं है।
องฺ. ติก. ๒๐/๑๘๙. ขุ. ชา. จตุตกฺก. ๒๗/๑๓๑.
เนสา สภา ยตฺถ น สนฺติ สนฺโต.
जिस सभा में सत्पुरुष न हों, वह सभा नहीं कहलाती।
สํ. ส. ๑๕/๒๗๐. ขุ. ชา. อสีติ. ๒๘/๑๕๑.
นตฺเถตํ โลกสฺมึ ยํ อุปาทิยมานํ อนวชฺชํ อสฺส.
संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं जिसे पकड़कर निर्दोष रहा जा सके।
ร. ร. ๔.
โภคา สนฺนิจยํ ยนฺติ วมฺมิโกวูปจียติ.
सुगृहस्थ का धन बनती हुई बाँबी की तरह बढ़ता जाता है।
ที. ปาฏิ. ๑๑/๒๐๒.
อลํ พาลสฺส โมหาย โน จ ปารคเวสิโน.
रूप मूर्ख को मोह सकता है, पर निर्वाण-गवेषी को नहीं।
ม. ม. ๑๓/๔๐๑. ขุ. เถร. ๒๖/๓๗๗.
รูปํ ชีรติ มจฺจานํ นามโคตฺตํ น ชีรติ.
प्राणी का शरीर नष्ट हो सकता है, पर नाम और गोत्र नष्ट नहीं होते।
สํ. ส. ๑๕/๕๙.
ถีนํ ภาโว ทุราชาโน.
स्त्रियों का स्वभाव जानना कठिन है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๒๑.
อุกฺกฏฺเฐ สูรมิจฺฉนฺติ.
संकट के समय शूरवीर की आवश्यकता होती है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๐.
มนฺตีสุ อกุตูหลํ.
मन्त्रियों में वाचाल न हो, ऐसा व्यक्ति चाहिए।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๐.
ปิยญฺจ อนฺนปานมฺหิ.
खान-पान के समय प्रिय व्यक्ति की आवश्यकता होती है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๐.
อตฺเถ ชาเต จ ปณฺฑิตํ.
जब कोई मामला उठे, तब पण्डित की आवश्यकता होती है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๐.
อาปทาสุ ถาโม เวทิตพฺโพ.
साहस संकट के समय जाना जाता है।
นัย-ขุ. อุ. ๒๕/๑๗๘.
ยโส ลทฺธา น มชฺเชยฺย.
यश पाकर उन्मत्त नहीं होना चाहिए।
ขุ. ชา. จตุกฺก. ๒๗/๑๔๕.
จาคมนุพฺรูเหยฺย.
त्याग को बढ़ाना चाहिए।
ม. อุป. ๑๔/๔๓๖.
สนฺติเมว สิกฺเขยฺย.
शान्ति का ही अभ्यास करे।
นัย-ม. อุป. ๑๔/๔๓๖.
โลกามิสํ ปชเห สนฺติเปกฺโข.
शान्ति चाहने वाला संसार के आमिष (लोभ-वस्तु) को छोड़ दे।
สํ. ส. ๑๕/๓, ๗๗, ๙๐.
ตํ คณฺเหยฺย ยทปณฺณกํ.
जो अनुचित नहीं है, उसे ग्रहण करे।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๑.
สมฺมุขา ยาทิสํ จิณฺณํ ปรมฺมุขาปิ ตาทิสํ.
सामने जैसा आचरण करे, पीछे भी वैसा ही करे।
ส. ส.
อปฺปตฺโต โน จ อุลฺลเป.
पहुँचने से पहले डींग नहीं मारनी चाहिए।
ส. ส.
สนาถา วิหรถ มา อนาถา.
सहारे के साथ रहो, बिना सहारे मत रहो।
นัย. องฺ. ทสกฺ ๒๔/๒๕.
อาโรคฺยมิจฺเฉ ปรมญฺจ ลาภํ.
परम लाभ आरोग्य की कामना करे।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๒๗.
อตีตํ นานฺวาคเมยฺย.
बीती बातों का चिन्तन नहीं करना चाहिए।
ม. อุป. ๑๔/๓๔๘.
นปฺปฏิกงฺเข อนาคตํ.
अनागत की आशा नहीं करनी चाहिए।
ม. อุป. ๑๔/๓๔๘.
บาลีอักษรโรมันถอดจากอักษรไทยโดยอัตโนมัติ · คำอธิบายแสดงเฉพาะบทที่ผ่านการตรวจทานแล้ว
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