พุทธศาสนสุภาษิต

สำหรับวิชากระทู้ธรรม — บาลี คำแปล คัมภีร์ที่มา และคำอธิบายความหมาย เพื่อใช้ศึกษาและเป็นแบบอย่างในการแต่งกระทู้ธรรม

คำอธิบายเป็นเพียงตัวอย่างการตีความ ไม่ใช่เฉลย — ใช้เป็นแนวทางเบื้องต้น และควรศึกษาเพิ่มเติมจากพระไตรปิฎกและคัมภีร์อื่น ๆ

ธรรมศึกษา (ต่างประเทศ)
นักธรรมชั้นตรี · พุทธศาสนสุภาษิต เล่ม ๑ · ๕๐๐ บท · มีคำอธิบายแล้ว ๕๘ บท
ปัญญาวรรค — หมวดปัญญา
ปัญญาวรรค — หมวดปัญญา · นักธรรมชั้นตรี
บาลี (อักษรไทย)
สุโข ปญฺญาปฏิลาโภ.
Pāli (Roman) ถอดอัตโนมัติ
Sukho paññāpaṭilābho.
คัมภีร์ที่มา : ขุ. ธ. ๒๕/๕๙.
คำแปล : ความได้ปัญญา ให้เกิดสุข.
हिन्दी : प्रज्ञा की प्राप्ति सुख उत्पन्न करती है।
คำแปลทุกภาษา / All languages (9)
ไทยความได้ปัญญา ให้เกิดสุข.
EnglishThe gaining of wisdom brings happiness.
IndonesiaDiperolehnya kebijaksanaan mendatangkan kebahagiaan.
中文获得智慧,带来快乐。
DeutschDer Erwerb von Weisheit bringt Glück.
DanskErhvervelsen af visdom bringer lykke.
हिन्दीप्रज्ञा की प्राप्ति सुख उत्पन्न करती है।
日本語智慧を得ることは楽をもたらす。
नेपालीप्रज्ञाको प्राप्तिले सुख दिन्छ।

คำอธิบาย
คำอธิบายของบทนี้อยู่ระหว่างจัดทำและตรวจทาน
« บทก่อนหน้า บทถัดไป »
สุภาษิตในวรรคเดียวกัน — เลือกใช้เป็นกระทู้เชื่อมได้
นตฺถิ ปญฺญาสมา อาภา.
प्रज्ञा के समान प्रकाश कोई नहीं।
สํ. ส. ๑๕/๙.
ปญฺญา โลกสฺมิ ปชฺโชโต.
प्रज्ञा संसार में प्रकाश है।
สํ. ส. ๑๕/๖๑.
โยคา เว ชายตี ภูริ.
प्रज्ञा योग (अभ्यास) से उत्पन्न होती है।
ขุ. ธ. ๒๕/๕๒.
อโยคา ภูริสงฺขโย.
प्रज्ञा का क्षय अयोग (अभ्यास के अभाव) से होता है।
ขุ. ธ. ๒๕/๕๒.
ปญฺญา นรานํ รตนํ.
प्रज्ञा मनुष्यों का रत्न है।
สํ. ส. ๑๕/๕๐.
ปญฺญาว ธเนน เสยฺโย.
प्रज्ञा ही धन से श्रेष्ठ है।
นัย- ม. ม. ๑๓/๔๑๓. นัย- ขุ. เถร. ๒๖/๓๗๙.
นตฺถิ ฌานํ อปญฺญสฺส.
प्रज्ञाहीन के लिए ध्यान (चिन्तन) नहीं होता।
ขุ. ธ. ๒๕/๖๕.
ปญฺญา นตฺถิ อฌายโต.
जो ध्यान (चिन्तन) नहीं करता, उसे प्रज्ञा नहीं होती।
ขุ. ธ. ๒๕/๖๕.
ปญฺญา เจนํ ปสาสติ.
प्रज्ञा उस पुरुष का शासन करती है।
สํ. ส. ๒๕/๕๒.
ปญฺญาย มคฺคํ อลโส น วินฺทติ.
आलसी प्रज्ञा से मार्ग नहीं पाता।
ขุ. ธ. ๒๕/๕๒.
สุสฺสูสํ ลภเต ปญฺญํ อปฺปมตฺโต วิจกฺขโณ.
अप्रमत्त, विचारशील और ध्यान से सुनने वाला प्रज्ञा पाता है।
สํ. ส. ๑๕/๓๑๖. ขุ. สุ. ๒๕/๓๖๑.
ปญฺญายตฺถํ วิปสฺสติ.
मनुष्य प्रज्ञा से अर्थ को देखता है।
องฺ. สตฺตก. ๒๓/๓.
ปญฺญาย ปริสุชฺฌติ.
मनुष्य प्रज्ञा से शुद्ध होता है।
ขุ. สุ. ๒๕/๓๖๑.
ปญฺญา หิ เสฏฺฐา กุสลา วทนฺติ.
चतुर लोग कहते हैं कि प्रज्ञा ही सर्वश्रेष्ठ है।
ขุ. ชา. สตฺตก. ๒๗/๕๔๑.
ปญฺญาชีวึ ชีวิตมาหุ เสฏฺฐํ.
ज्ञानी प्रज्ञा से जीने वाले के जीवन को श्रेष्ठ कहते हैं।
สํ. ส. ๑๕/๕๘, ๓๑๕. ขุ. สุ. ๒๕/๓๖๐.
เอโกว เสยฺโย ปุริโส สปญฺโญ โย ภาสิตสฺส วิชานาติ อตฺถํ.
भाषित के अर्थ को जानने वाला एक ही प्रज्ञावान श्रेष्ठ है।
ขุ. ชา. เอก. ๒๗/๓๒.
พหูนํ วต อตฺถาย สปฺปญฺโญ ฆรมาวสํ.
प्रज्ञावान गृहस्थ बहुतों के हित के लिए होता है।
องฺ. อฏฺฐก. ๒๓/๒๔๙.
สากจฺฉาย ปญฺญา เวทิตพฺพา.
प्रज्ञा संवाद से जानी जाती है।
นัย. ขุ. อุ. ๒๕/๑๗๘.
ตถตฺตานํ นิเวเสยฺย ยถา ภูริ ปวฑฺฒติ.
जिस प्रकार से प्रज्ञा बढ़े, उसी प्रकार अपने को स्थापित करे।
ขุ. ธ. ๒๕/๕๒.
ปญฺญํ นปฺปมชฺเชยฺย.
प्रज्ञा की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
ม. อุป. ๑๔/๔๓๖.
บาลีอักษรโรมันถอดจากอักษรไทยโดยอัตโนมัติ · คำอธิบายแสดงเฉพาะบทที่ผ่านการตรวจทานแล้ว
ฝึกแต่งกระทู้ธรรม แบบฝึกท่องจำ ปัญหาธรรมศึกษาย้อนหลัง หน้าหลัก