พุทธศาสนสุภาษิต

สำหรับวิชากระทู้ธรรม — บาลี คำแปล คัมภีร์ที่มา และคำอธิบายความหมาย เพื่อใช้ศึกษาและเป็นแบบอย่างในการแต่งกระทู้ธรรม

คำอธิบายเป็นเพียงตัวอย่างการตีความ ไม่ใช่เฉลย — ใช้เป็นแนวทางเบื้องต้น และควรศึกษาเพิ่มเติมจากพระไตรปิฎกและคัมภีร์อื่น ๆ

ธรรมศึกษา (ต่างประเทศ)
นักธรรมชั้นเอก · พุทธศาสนสุภาษิต เล่ม ๓ · ๒๑๘ บท · มีคำอธิบายแล้ว ๓ บท
เสวนาวรรค — หมวดคบหา ๘ บท
उद्धत, डाँवाडोल, पापमित्रों का आश्रय लेने वाला भिक्षु लहरों से थपेड़े खाकर महाजल में डूब जाता है।
ขุ. เถร. ๒๖/๓๖๖.
धर्मकामी, श्रुतधर, प्रश्न पूछने वाला बने और शीलवान तथा बहुश्रुतों की आदरपूर्वक उपासना करे।
ขุ. ชา. มหา. ๒๘/๓๓๒.
जिस पण्डित को दोष दिखाने वाला, गड़े धन का पता बताने वाले के समान, फटकारने वाला और प्रज्ञावान देखे, उस पण्डित का संग करे; ऐसे का संग करने से भला ही होता है, बुरा नहीं।
ขุ. ธ. ๒๕/๒๕.
किसी भी समय हीन का संग करने वाला हीन हो जाता है, समान का संग करने वाला अवनति नहीं करता, श्रेष्ठ का संग करने वाला शीघ्र ऊँचा उठता है; इसलिए अपने से ऊँचे लोगों का संग करे।
องฺ. ติก. ๒๐/๑๕๘.
केवल श्रद्धावानों (प्रसन्न-चित्तों) का संग करे, अश्रद्धालुओं को छोड़ दे, श्रद्धावानों की उपासना करे, जैसे पानी चाहने वाला जलाशय के पास जाता है।
ขุ. ชา. ปญฺญาส. ๒๘/๒๓.
पण्डित चुगलखोर, क्रोधी, कृपण और सम्पत्ति में रमने वाले से मित्रता न करे; क्योंकि दुर्जनों का समागम नीचता है।
ขุ. เถร. ๒๖/๔๐๕.
जो अपने से मेल रखता है उससे मेल रखे, जो नहीं रखता उससे न रखे; जो अपने से मेल रखने वाले से मेल नहीं रखता, उसमें सत्पुरुष का धर्म नहीं है।
ขุ. ชา. ปญฺญาส. ๒๘/๒๓.
सत्पुरुषों का समागम करे, सत्पुरुषों से घनिष्ठता करे; सत्पुरुषों के सद्धर्म को जानकर वह सब दुःखों से मुक्त हो जाता है।
สํ. ส. ๑๕/๘๐.
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